उड़ी हमला: पाक ने भारत के आरोपों को किया खारिज, मांगे हाथ होने के सबूत
नई दिल्ली। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकवादी हमले में अपना हाथ होने संबंधी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि मामले में बिना जांच किए उसका नाम घसीटा जा रहा है।
हमले में अपने देश का नाम सामने आने के बाद इससे इनकार करते हुए पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने रविवार को कहा, 'भारत बिना किसी जांच के तुरंत पाकिस्तान पर दोष मढ़ देता है। हम इसे खारिज करते हैं।' जकारिया की यह प्रतिक्रिया गृह मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान के संदर्भ में है जिसमें राजनाथ ने हमले के बाद पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला था और उसे आतंकी मुल्क बताया था।
तब राजनाथ ने कहा था, 'पाकिस्तान एक आतंकी देश है और उसकी पहचान करके उसे अलग-थलग कर देना चाहिए। इस बारे में ठोस संकेत हैं कि उड़ी हमले को अंजाम देने वाले उच्च प्रशिक्षित तथा विशेष हथियारों से लैस थे। मैं इस बात से बेहद निराश हूं कि पाकिस्तान आतंकवाद और आतंकी संगठनों को लगातार मदद दे रहा है।'
उधर, पाकिस्तानी सेना ने भी हमले में पाक का हाथ होने संबंधी खबरों को खारिज किया है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स (ISPR)ने इस बारे में एक बयान जारी किया। बता दें कि आईएसपीआर सैद्धांतिक तौर पर पाकिस्तानी सेना का प्रशासनिक मिलिटरी मीडिया ब्रैंड है जो मिलिटरी से जुड़ी खबरों का प्रसारण करता है।
बयान में कहा गया, 'पाकिस्तान अपनी जमीन से घुसपैठ नहीं होने देता क्योंकि लाइन ऑफ कंट्रोल पर दोनों तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। उड़ी आतंकवादी हमले के संदर्भ में भारत के अनुरोध पर पाकिस्तानी और भारतीय सेना के अधिकारियों ने हॉटलाइन के जरिए आपस में बात की है। पाकिस्तानी डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिटरी ऑपरेशंस) ने इस हमले में भारत के बिना सबूत और असामयिक आरोपों को खारिज कर दिया है। साथ ही उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष से कहा है कि सीमा पार घुसपैठ के मुद्दे पर उनके पास कार्रवाई करने लायक कोई सबूत हो तो उसे साझा करें।'

